भाषा चुनें:

अध्याय 12 — भक्ति योग

श्लोक 1
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

॥ अर्जुन उवाच ॥

एवं सततयुक्ता ये भक्तास्त्वां पर्युपासते ।

ये चाप्यक्षरमव्यक्तं तेषां के योगवित्तमाः ॥ 1 ॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


पहला श्लोक
Gita Prerna Logo
Go Back Top