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अध्याय 13 — क्षेत्र क्षेत्रज्ञ विभाग योग

श्लोक 26
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

यावत्संजायते किंचित्सत्त्वं स्थावरजंगमम् ।

क्षेत्रक्षेत्रज्ञ संयोगात्तद्विद्धि भरतर्षभ ।। 26 ।।

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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