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अध्याय 13 — क्षेत्र क्षेत्रज्ञ विभाग योग

श्लोक 6
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

इच्छा द्वेषः सुखं दुःखं संघातश्चेतना धृतिः ।

एतत्क्षेत्रं समासेन सविकारमुदाहृतम् ॥ 6 ॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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