भाषा चुनें:

अध्याय 18 — मोक्ष संन्यास योग

श्लोक 1
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

॥ अर्जुन उवाच ॥

संन्यासस्य महाबाहो तत्त्वमिच्छामि वेदितुम् ।

त्यागस्य च हृषीकेश पृथक्केशिनिषूदन ॥1॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


पहला श्लोक
Gita Prerna Logo
Go Back Top