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अध्याय 18 — मोक्ष संन्यास योग

श्लोक 2
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

॥ श्री भगवानुवाच ॥

काम्यानां कर्मणां न्यासं संन्यासं कवयो विदुः ।

सर्वकर्मफल त्यागं प्राहुस्त्यागं विचक्षणाः ॥2॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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