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अध्याय 3 — कर्म योग

श्लोक 38-39
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

धूमेनाव्रियते वह्निर्यथादर्शों मलेन च।यथोल्बेनावृतो गर्भस्तथा तेनेदमावृतम्॥38॥आवृतं ज्ञानमेतेन ज्ञानिनो नित्यवैरिणा।कामरूपेण कौन्तेय दुष्पूरेणानलेन च॥39॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


अंतिम श्लोक
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