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अध्याय 5 — कर्म संन्यास योग

श्लोक 2
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

॥ श्री भगवानुवाच ॥

संन्यासः कर्मयोगश्च निःश्रेयसकरावुभौ ।

तयोस्तु कर्मसंन्यासात्कर्मयोगो विशिष्यते ॥ 2 ॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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