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अध्याय 7 — ज्ञान विज्ञान योग

श्लोक 27
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

इच्छाद्वेष समुत्थेन द्वन्द्वमोहेन भारत ।

सर्वभूतानि संमोहं सर्गे यान्ति परंतप ।। 27 ॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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