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Chapter 1 Verse 31

अध्याय 1 — अर्जुन विषाद योग

श्लोक 31
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

निमित्तानि च पश्यामि विपरीतानि केशव ।

न च श्रेयोऽनुपश्यामि हत्वा स्वजनमाहवे ॥31॥

🕉 हिन्दी अनुवाद

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