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अध्याय 15 — पुरुषोत्तम योग

श्लोक 14
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

अहं वैश्वानरो भूत्वा प्राणिनां देहमाश्रितः ।

प्राणापान समायुक्तः पचाम्यन्नं चतुर्विधम् ॥ 14 ॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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