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अध्याय 10 — विभूति योग

श्लोक 19
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

॥ श्री भगवानुवाच ॥

हन्त ते कथयिष्यामि दिव्या ह्यात्मविभूतयः ।

प्राधान्यतः कुरुश्रेष्ठ नास्त्यन्तो विस्तरस्य मे ॥19॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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