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अध्याय 12 — भक्ति योग

श्लोक 2
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

॥ श्री भगवानुवाच ॥

मय्यावेश्य मनो ये मां नित्ययुक्ता उपासते ।

श्रद्धया परयोपेतास्ते मे युक्ततमा मताः ॥2॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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