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अध्याय 12 — भक्ति योग

श्लोक 9
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

अथ चित्तं समाधातुं न शक्नोषि मयि स्थिरम् ।

अभ्यासयोगेन ततो मामिच्छाप्तुं धनंजय ॥ 9 ॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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