भाषा चुनें:

अध्याय 6 — आत्म संयम योग

श्लोक 21
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

सुखमात्यन्तिकं यत्तद्बुद्धिग्राह्यमतीन्द्रियम् ।

वेत्ति यत्र न चैवायं स्थितश्चलति तत्त्वतः ।॥ 21 ॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


Gita Prerna Logo
Go Back Top