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अध्याय 6 — आत्म संयम योग

श्लोक 35
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

॥ श्री भगवानुवाच ॥

असंशयं महाबाहो मनो दुर्निग्रहं चलम् ।

अभ्यासेन तु कौन्तेय वैराग्येण च गृह्यते ॥35॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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