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अध्याय 6 — आत्म संयम योग

श्लोक 40
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

॥ श्री भगवानुवाच ॥

पार्थ नैवेह नामुत्र विनाशस्तस्य विद्यते।

न हि कल्याणकृत्त्कश्चिद्दर्गतिं तात गच्छति ॥40॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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