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अध्याय 9 — राजविद्या राजगुह्य योग

श्लोक 19
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

तपाम्यहमहं वर्षं निगृह्णाम्युत्सृजामि च ।

अमृतं चैव मृत्युश्च सदसच्चाहमर्जुन ॥ 19 ॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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