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अध्याय 9 — राजविद्या राजगुह्य योग

श्लोक 14
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

सततं कीर्तयन्तो मां यतन्तश्च दृढव्रताः ।

नमस्यन्तश्च मां भक्त्या नित्युक्ता उपासते ।। 14 ।।

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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