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अध्याय 16 — दैवासुरसंपद विभाग योग

श्लोक 1
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

॥ श्री भगवानुवाच ॥

अभयं सत्त्वसंशुद्धिर्ज्ञानयोगव्यवस्थितिः ।

दानं दमश्च यज्ञश्च स्वाध्यायस्तप आर्जवम् ॥1॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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