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अध्याय 14 — गुणत्रय विभाग योग

श्लोक 6
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

तत्र सत्त्वं निर्मलत्वात्प्रकाशकमनामयम् ।

सुखसंगेन बध्नाति ज्ञानसंगेन चानघ ॥ 6 ॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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