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अध्याय 14 — गुणत्रय विभाग योग

श्लोक 9
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

सत्त्वं सुखे संजयति रजः कर्मणि भारत ।

ज्ञानमावृत्य तु तमः प्रमादे संजयत्युत ॥ १ ॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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