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अध्याय 14 — गुणत्रय विभाग योग

श्लोक 23
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

उदासीनवदासीनो गुणैर्यो न विचाल्यते।

गुणा वर्तन्त इत्येव योऽवतिष्ठति नेंगते ॥ 23 ॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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