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अध्याय 17 — श्रद्धात्रय विभाग योग

श्लोक 4
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

यजन्ते सात्त्विका देवान्यक्षरक्षांसि राजसाः ।

प्रेतान्भूतगणांश्चान्ये यजन्ते तामसा जनाः ॥4॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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