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अध्याय 13 — क्षेत्र क्षेत्रज्ञ विभाग योग

श्लोक 18
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

इति क्षेत्रं तथा ज्ञानं ज्ञेयं चोक्तं समासतः ।

मद्भक्त एतद्विज्ञाय मद्भावायोपपद्यते ।। 18 ॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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