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अध्याय 13 — क्षेत्र क्षेत्रज्ञ विभाग योग

श्लोक 27
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

समं सर्वेषु भूतेषु तिष्ठन्तं परमेश्वरम् ।

विनश्यत्स्वविनश्यन्तं यः पश्यति स पश्यति ।। 27 ॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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