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अध्याय 5 — कर्म संन्यास योग

श्लोक 24
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

योऽन्तः सुखोऽन्तरारामस्तथान्तर्योतिरेव यः।

स योगी ब्रह्मनिर्वाणं ब्रह्मभूतोऽधिगच्छति ।। 24 ।।

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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