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Chapter 1 Verse 13

अध्याय 1 — अर्जुन विषाद योग

श्लोक 13
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

ततः शङ्खाश्च भेर्यश्च पणवानकगोमुखाः ।

सहसैवाभ्यहन्यन्त स शब्दस्तुमुलोऽभवत् ॥13॥

🕉 हिन्दी अनुवाद

📜 अनुवाद हिन्दी

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