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Chapter 1 Verse 37

अध्याय 1 — अर्जुन विषाद योग

श्लोक 37
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

तस्मान्नार्हा वयं हन्तुं धार्तराष्ट्रान् स्वबान्धवान् ।

स्वजनं हि कथं हत्वा सुखिनः स्याम माधव ॥37॥

🕉 हिन्दी अनुवाद

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