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Chapter 1 Verse 22-23

अध्याय 1 — अर्जुन विषाद योग

श्लोक 22-23
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

यावदेतान्निरीक्षेऽहं योद्धुकामानवस्थितान् ।

कैर्मया सह योद्धव्यमस्मिन् रणसमुद्यमे ॥22॥


योत्स्यमानानवेक्षेऽहं य एतेऽत्र समागताः ।

धार्तराष्ट्रस्य दुर्बुद्धेर्युद्धे प्रियचिकीर्षवः ॥23॥

🕉 हिन्दी अनुवाद

📜 अनुवाद हिन्दी

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