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Chapter 1 Verse 19

अध्याय 1 — अर्जुन विषाद योग

श्लोक 19
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

स घोषो धार्तराष्ट्राणां हृदयानि व्यदारयत् ।

नभश्च पृथिवीं चैव तुमुलो व्यनुनादयन् ॥19॥

🕉 हिन्दी अनुवाद

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