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Chapter 1 Verse 40

अध्याय 1 — अर्जुन विषाद योग

श्लोक 40
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

कुलक्षये प्रणश्यन्ति कुलधर्माः सनातनाः ।

धर्मे नष्टे कुलं कृत्स्नमधर्मोऽभिभवत्युत ॥40॥

🕉 हिन्दी अनुवाद

📜 अनुवाद हिन्दी

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