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Chapter 1 Verse 36

अध्याय 1 — अर्जुन विषाद योग

श्लोक 36
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

निहत्य धार्तराष्ट्रान्नः का प्रीतिः स्याज्जनार्दन ।

पापमेवाश्रयेदस्मान् हत्वैतानाततायिनः ॥36॥

🕉 हिन्दी अनुवाद

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