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अध्याय 18 — मोक्ष संन्यास योग

श्लोक 26
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

मुक्तसंगोऽनहंवादी धृत्युत्साहसमन्वितः ।

सिद्ध्यसिद्ध्योर्निर्विकारः कर्ता सात्त्विक उच्यते ॥26॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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