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अध्याय 18 — मोक्ष संन्यास योग

श्लोक 34
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

यया तु धर्मकामार्थान्धृत्या धारयतेऽर्जुन ।

प्रसंगेन फलाकांक्षी धृतिः सा पार्थ राजसी ॥34॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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