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अध्याय 18 — मोक्ष संन्यास योग

श्लोक 39
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

यदग्रे चानुबन्धे च सुखं मोहनमात्मनः।

निद्रालस्य प्रमादोत्थं तत्तामसमुदाहृतम्।।39।।

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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