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अध्याय 18 — मोक्ष संन्यास योग

श्लोक 62
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

तमेव शरणं गच्छ सर्वभावेन भारत।

तत्प्रसादात्परां शान्तिं स्थानं प्राप्यसि शाश्वतम्।।62।।

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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