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अध्याय 2 — सांख्य योग

श्लोक 36
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

अवाच्यवादांश्च बहून् वदिष्यन्ति तवाहिताः ।

निन्दन्तस्तव सामर्थ्यं ततो दुःखतरं नु किम् ॥36॥

🕉 हिन्दी अनुवाद

📜 अनुवाद हिन्दी

💬 व्याख्या हिन्दी

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