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अध्याय 2 — सांख्य योग

श्लोक 9
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

॥ संजय उवाच ॥

एवमुक्त्वा हृषीकेशं गुडाकेशः परंतप ।

न योत्स्य इति गोविन्दमुक्त्वा तूष्णीं बभूव ह ॥9॥

🕉 हिन्दी अनुवाद

📜 अनुवाद हिन्दी

💬 व्याख्या हिन्दी

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