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अध्याय 2 — सांख्य योग

श्लोक 47
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन ।

मा कर्मफलहेतुर्भूमि ते संगोऽस्त्वकर्मणि ॥47॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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