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अध्याय 2 — सांख्य योग

श्लोक 54
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

॥ अर्जुन उवाच ॥

स्थितप्रज्ञस्य का भाषा समाधिस्थस्य केशव ।

स्थितधीः किं प्रभाषेत किमासीत व्रजेत किम् ॥54॥

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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