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अध्याय 11 — विश्वरूप दर्शन योग

श्लोक 39
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

वायुर्यमोऽग्निर्वरुणः शशांकः प्रजापतिस्त्वं प्रपितामहश्च ।

नमो नमस्तेऽस्तु सहस्रकृत्वः पुनश्च भूयोऽपि नमो नमस्ते ॥39 ।।

🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


अंतिम श्लोक
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