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अध्याय 4 — ज्ञान कर्म संन्यास योग

श्लोक 11
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

ये यथा मां प्रपद्यन्ते तांस्तथैव भजाम्यहम्।

मम वर्मानुवर्तन्ते मनुष्याः पार्थ सर्वशः ॥11॥


🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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