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अध्याय 4 — ज्ञान कर्म संन्यास योग

श्लोक 10
🕉 मूल संस्कृत श्लोक

वीतरागभयक्रोधा मन्मया मामुपाश्रिताः ।

बहवो ज्ञानतपसा पूता मद्भावमागताः ॥ 10 ॥



🕉 हिन्दी अनुवाद


📜 अनुवाद हिन्दी


💬 व्याख्या हिन्दी


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